लखनऊ। कॉरपोरेट सामाजिक दायित्वों (सीएसआर) के निर्वहन में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए अल्युम्यूनियम और कॉपर निर्माण के क्षेत्र में दुनिया की अग्रणी कंपनी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड को सीएसआर के क्षेत्र का सर्वोच्च सम्मान नेशलन सीएसआर अवार्ड से सम्मानित किया गया है। कंपनी को यह सम्मान कौशल विकास और आजीविका के क्षेत्र में निरंतर शानदार योगदान के लिए प्रदान किया गया है। 29 अक्तूबर के नई दिल्ली में हुए एक समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की गरिमामयी उपस्थिति में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह पुरस्कार प्रदान किया। हिंडाल्को की ओर से आदित्य बिड़ला सेंटर फोर कम्युनिटी इनिसिएटिव एंड रूरल डेवलेपमेंट की अध्यक्ष और हिंडालको सीएसआर कमेटी की अध्यक्ष श्रीमती राजश्री बिड़ला ने यह सम्मान प्राप्त किया।
इस मौके पर श्रीमती राजश्री बिड़ला ने कहा कि यह पुरस्कार समाज को वापस कुछ दे पाने के हमारे प्रयासों का नतीजा है। यह सम्मान इस बात की पुष्टि करता है कि हम सही दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिंडाल्को के सामुदायिक कार्यों का लाभ पाकर देश भर के 11 राज्यों के 22 जिलों के तहत 21 जगहों पर 732 गांवों के 1.2 मिलियन वंचित समाज के लोगों के जीवन में बदलाव आया है। इन 732 गांवों में 103 गांव आदर्श गांव बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमारी टीम 39 झुग्गी-झोपड़ियों के लोगों के बीच उनके जीवन को गरीमापूर्ण बनाने के लिए कार्य कर रही है। हम इस बात से प्रेरित होते हैं कि जिन गांवों में हम काम कर रहे हैं वहां के लोगों के जीवन के स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है। हम इस सम्मान को पाकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि यूपी स्थित हिंडाल्को के रेणुकूट प्लांट द्वारा सोनभद्र जिले के 30 गांवों के कुल 9872 परिवारों की बीच कंपनी द्वारा सीएसआर के तहत चलाए जा रहे “उन्नती” प्रोजेक्ट का सफलतापूर्वक संचालने किया गया है। सस्टेनिबल लाइवलिहुड के इस महती प्रोजेक्ट के तहत कौशल विकास के विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों द्वारा क्षमता विकास, किसानों को प्रशिक्षित कर उनके फसल के उत्पादन में गुणात्मक बढ़ोतरी करना, ग्रामीण युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देना, महिला स्वयं सहायता समूह को उनके उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें समृद्ध बनाने जैसे कई महत्वपूर्ण काम किए जा रहे हैं। मालूम हो कि प्रोजेक्ट उन्नति के तहत सोनभद्र जिले के दूधि तहसील में किसान, ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को लक्ष्ति कर कंपनी द्वारा उनके सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए कार्य किया गया। पानी की सीमित उपलब्धता थी और 80 प्रतिशत कृषि सिंचाई के लिए वर्षा पर निर्भर थी। एक फसलीय कृषि और संसाधनों की कमी के कारण लोग काम के लिए पलायन करने को मजबूर थे। इसे कंपनी ने चुनौती के तहत लिया और उन्नती कार्यक्रम के तहत कुल 1532 एकड़ जमीन को सिंचाई के लिए लिया गया साथ ही 4475 एकड़ जमीन पर नकदी फसल की व्यवस्था सफलता पूर्वक की गई जिसका नतीजा यह हुआ कि फसलों की पैदावार क्षमता में करीव 40 प्रतिशत का इजाफा हुआ क्षेत्र का जलस्तर 1.2 मीटर बढ़ने के साथ ही किसानों के मौसमी पलायन में भी 50 प्रतिशत कि रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई। साथ ही एक समय जहां ग्रामीण बेरोजगारी का प्रतिशत 80 प्रतिशत था उसमें भी गिरावट देखी गई। करीब 62 प्रतिशत से अधिक युवा आज रेणुकूट में चलने वाले आदित्य बिड़ला रूरल टेक्नोलॉजी पार्क द्वारा संचालित विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रशिक्षित होकर रोजगार पा चुके हैं। पहले जहां आय के लिए महिलाओं की भागीदारी लगभग नगण्य थी, वहीं आज उन्नती के तहत 42 महिला स्वयं सहायता समूहों के सक्रिय योगदाने के कारण 70 प्रतिशत ग्राणीण महिलाएं वित्तीय रूप से स्वावलंबी बन चुकी है। दूसरी तरफ एक महत्वपूर्ण उपल्ब्धि के तहत इस क्षेत्र के सभी 30 गांव ओडीएफ से मुक्त हैं और 30 गावं के सभी स्कूलों में 100 फीसदी बच्चों का नामांकि कराया जा चुका है।
इस मौके पर हिंडाल्को के एमडी श्री सतीश पाई ने कहा कि सीएसआर के क्षेत्र में देश के सर्वोच्च पुरस्कार को पाकर हम गौर्वान्वित महसूस कर रहे हैं। यह सम्मान सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल की हमारी प्रतिबद्दता को रेखांकित करता है जो हमारे प्रोजेक्ट क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास का मजबूत और मूल स्तंभ है। श्री पाई ने कहा कि इस पुरस्कार से सामाज के वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए कंपनी द्वारा किए जा रहे प्रयासों को बल मिला है और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने इन कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे।






