चीन में तीन माह बाद फैक्टरियां, बाजार और दफ्तर खुले हैं। जानकारों का कहना है कि अगर ये बिना बड़े संक्रमण के गतिविधियां कर पाते हैं, तो यह सफलता बाकी देशों के लिए भी मॉडल बन सकती है। विफल रहा, तो सबक भी मिल जाएंगे। कंपनियों की बात करें, तो फेस मास्क और डिसइंफेक्टेंट के इस्तेमाल से लेकर निश्चित दूरी रखना अनिवार्य है। ट्रैकिंग के लिए एप्लीकेशन होना जरूरी है। कई कर्मचारियों ने बताया कि जीवन पहले जैसा नहीं रहा है

चीन में लॉकडाउन के बाद फैक्टरियाँ खुल गईं हैं, लेकिन कर्मचारियों को नए नियमों के दायरे में जीना पड़ रहा है । कहीं दिन में तीन बार तापमान मापना जरूरी है, तो दस्तावेजों को छूने से पहले और बाद में साबुन से हाथ धोना अनिवार्य है। कई कंपनियों ने सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल से भी मना कर दिया है। कैब चालकों को गाड़ी सैनिटाइज करते वक्त वीडियो बनाकर भेजना होता है, तो रेस्तरां कर्मचारियों को बाहर नहीं जाने देते। गिने-चुने कर्मचारी ही आ रहे हैं और बाकी को घर से काम करने को कहा गया है। इससे भी बढ़कर सरकारी हैल्थ एप्लीकेशनों पर कर्मचारियों की आवाजाही ट्रैक की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के बाद चीन में जनजीवन देखकर अंदाजा लगा सकते हैं कि जब अन्य देशों के लोग काम पर लौटेंगे, तो दुनिया पहले जैसी नहीं रहने वाली है।

हमेशा कर्मचारियों की करनी होती है निगरानी
संक्रमित इलाके में जाने पर कर्मचारियों की बारीकी से निगरानी की जा रही है। कंपनी के मुख्य द्वार पर किसी कर्मचारी का तापमान बढ़ा हुआ पाया जाता है, तो उसे फौरन अस्पताल ले जाया जाता है। लक्षण आने पर उसके साथियों को क्वारंटीन किया जाता है। कंपनी प्रबंधन स्थानीय प्रशासन को संबंधित कर्मचारी के किसी ट्रेन या विमान में होकर आने की जानकारी देता है।
कार्यस्थलों पर कर्मचारियों के एक साथ बैठने पर पाबंदी, दरवाजे-खिड़कियां खोले रखना जरूरी
बड़ी कंपनियां कर्मचारियों को कार्यस्थल पर आचरण में बदलाव पर जोर दे रही हैं। आईफोन बनाने वाली ताइवानी कंपनी फॉक्सकॉन ने सार्वजनिक परिवहन से बचने और पैदल न आने के लिए कहा है। कार या बाइक से आने को प्रोत्साहित किया जा रहा है। दफ्तर में एलिवेटर के बटन दबाने में सावधानी बरतने, सतहों और दस्तावेजों को छूने के बाद फौरन हाथ धोना अनिवार्य किया गया है। कार्यस्थलों पर बैठकें बंद कर दी गई हैं। खिड़कियां व दरवाजे खुले रखे जा रहे हैं।
खाने पीने के डिलीवरी तक की विशेष व्यवस्था
वहीं रेस्तराओं की बात करें तो काफी जगह कर्मचारियों को वहीं ठहरने की व्यवस्था कराई जा रही है। ऑनलाइन फूड डिलिवरी के लिए खाना बनाने, पैक करने वाले से लेकर सप्लाई करने वाले व्यक्तियों का नाम और तापमान ऑर्डर के साथ एक कार्ड पर लिखकर दिया जाता है। रेस्तरां मालिक कर्मचारियों को बाहरी लोगों से घुलने-मिलने भी नहीं दे रहे हैं।

कैब / टैक्सी को सैनिटाइज करना और उसका वीडियो बनाकर भेजना अनिवार्य
कैब सेवाओं की बात करें, तो कंपनी के ड्राइवरों को हर रोज खुद के तापमान के साथ कार को सैनिटाइज करके वीडियो बनाकर भेजना होता है। साथ ही कार चलाते वक्त मास्क और हाथों में दस्ताने पहनना जरूरी किया गया है।
ई-कॉमर्स कंपनियों डिलिवरी बॉय पहन रहे सुरक्षा किट
ई-कॉमर्स कंपनियों के पार्सलों को गोदामों में सैनिटाइज किया जाता है। फिर डिलिवरी करने वाले व्यक्तियों के तापमान लेने से लेकर उनके हाथ सैनिटाइज कराए जाते हैं। हरेक व्यक्ति को मास्क, दस्ताने और अपना सैनिटाइजर रखना अनिवार्य है। वुहान जैसे इलाकों में तो डिलिवरी बॉय सामान देने जाते वक्त सुरक्षा किट का भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

कहीं पर दो से तीन शिफ्ट तो कहीं पर वर्क फ्रॉम होम
कई कंपनियों ने एलिवेटरों को किसी निश्चित मंजिल पर उतरने के लिए ही डिजाइन कर दिया है। खड़े होने के लिए गोले बना दिए गए हैं। कई कंपनियों ने दो से तीन शिफ्ट तय की हैं। ज्यादातर ने लंबे समय के लिए घर से फुल टाइम वर्क कराने का निर्णय लिया है।






