पीसीओडी (PCOD) मतलब पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर महिलाओं में होने वाली सामान्य समस्या है जो हार्मोन का संतुलन बिगड़ने के कारण होती है। इस समस्या में महिलाओं के अंडाशय (Ovary) पर सिस्ट बनने लगते हैं, जिसकी वजह से उनका वजन या तो बहुत घटता है या बढ़ने लगता है। अधिकतर मामलों में इसमें वजन बढ़ता ही है।जिसके कारण महिलओं में प्रेगनेंसी में भी दिक्कते आती हैं और पीरियड्स संबंधी समस्या भी होने लगती है। आंकड़ों की बात की जाये तो उसके मुताबिक, वर्तमान समय में हर 10 में से 2 महिला पीसीओडी की समस्या से जूझ रही हैं।बता दे की एक्ट्रेस सारा अली खान भी इसी समस्या से ग्रस्त हैं ,ऐसे में बावजूद इसके उन्होंने संतुलित आहार और एक्सरसाइज की मदद से उन्होंने अपना वजन 96 किलों से घटाकर 54 किलो कर लिया। सारा उन सभी महिलाओं के लिए एक प्रेरणा हैं जो पीसीओडी की वजह से बढ़े वजन के कारण बेहद परेशान हैं और जिन्हें लगता है कि मोटापा कम करना नामुमकिन है। जानिए की कैसे सारा की तरह आप भी बैलेंस डायट और एक्सरसाइज के जरिए पीसीओडी की समस्या से छुटकारा पा सकती हैं आगे पढ़े …..

पीसीओडी
पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर या पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम (पीसीओडी) महिलाओं में होने वाली एक बहुत ही सामान्य बीमारी है जिसमें उनके अंडाशय पर कई सिस्ट (गांठ) बन जाते हैं। इन गांठों की वजह से महिलाओं को अनियमित पीरियड्स की समस्या हो जाती है जिससे आगे चलकर प्रेग्नेंसी में भी मुश्किलें आ सकती। पीसीओडी में महिलाओं के शरीर में पुरुष हार्मोन एंड्रोजन का लेवल बढ़ जाता है। इसी हार्मोन की अधिकता से पीरियड संबंधी परेशानी और अंडाशय में समस्या पैदा हो जाती है। पीसीओडी क्योंकि हार्मोनल असंतुलन की वजह से होता है इसलिए आप इसे पूरी तरह से रोक तो नहीं सकती हैं, लेकिन हां सही लाइफस्टाइल, डायट और एक्सरसाइज की सहायता से इसे काफी हद तक कंट्रोल जरूर किया जा सकता है। जैसा कि आपके सामने उदाहरण है एक्ट्रेस सारा अली खान ने का उन्होंने ने इस असम्भव को संभव कर दिखाया है ।

पीसीओडी को कंट्रोल करने के लिए आपके काम आ सकते है सारा के ये टिप्स
- वैसे तो डांस एक बेहतरीन यक यूं कहे तो बेस्ट एक्सरसाइज है जिसमें आपके पूरे शरीर का मूवमेंट होता है। सारा ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि वजन कम करने के लिए उन्होंने न सिर्फ जिम में जमकर पसीना बहाया व मेहनत की बल्कि वह खूब डांस भी करती हैं, खासतौर पर कत्थक से उन्होंने स्लिम और सुडौल फिगर पाया। सारा ने बॉडी को टोनअप करने के लिए अपनी रूटीन में योग को भी शामिल किया। साथ ही सूर्य नमस्कार और प्राणायाम भी उन्होंने अपने वर्कआउट रूटीन का हिस्सा बनाया।
- सारा ने वजन घटाने के लिए कोई एक रूल नहीं बनाया, बल्कि डाइट और वर्कआउट के साथ वह अपने पापा सैफ अली खान और भाई के साथ 1-2 घंटे टेनिस भी खेलती थीं। इसके अलावा उन्हें भाई के साथ रग्बी खेलने में भी खूब मजा आता था जैसा की अप जानते ही है की रग्बी में दौड़ भाग करना होता है तो ये बॉडी के लिए काफी फायदेमंद होता है ।
- जाहिर सी बात है कि सारा अली खान का वजन 96 से 54 किलो यूं ही चुटकी बजाकर नही हुआ है ,बल्कि इसके लिए उन्होंने सालों तक वेट लॉस प्लान को फॉलो किया खूब मेहनत की। अपनी फिटनेस ट्रेनर निमरत कौर के साथ उन्होंने पिलेट्स भी खूब किया तब उन्होंने ऐसा शरीर पाया एक दिन में नही हुआ ये कमाल ।
- सारा अली ने अपनी डायट से हाई कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों को हटा दिया और इसकी जगह उन्होंने कार्ब और हाई प्रोटीन डायट ली इसे आप भी अपना सकते है । फाइबर के लिए वह फल खाती थीं, जबकि बॉडी को डिटॉक्स करने के लिए कई तरह के ड्रिंक उनके लिए घर पर ही तैयार किए गएं, जैसे धनिया और जीरा का पानी, ग्रीन स्मूदी जिसे कई तरह की सब्जियों और फल को मिला बनाया जाता था। सारा सुबह उठने के बाद ग्रीन टी या गरम पानी में नींबू और शहद डालकर पीती थीं।

यदि आप भी पीसीओडी की वजह से मोटापे का शिकार हो गई हैं तो इस रूटीन को फॉलो करके काफी हद तक आप अपने वजन को कम कर सकती हैं या बढते वजन पर काबू पा सकती है ।

लक्षण
किसी महिला का पीसीओडी होने पर निम्न लक्षण दिखते है-
- पहले तो पीसीओडी के कारण कुछ महिलाओं को बहुत कम तो किसी को हैवी ब्लीडिंग की समस्या हो जाती है। अगर समय के साथ पीसीओडी का इलाज नहीं करवाया गया तो पीरियड्स आना बंद भी हो सकता है, जिससे महिलाओं को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
- पीसीओडी में लड़कियों/महिलाओं के शरीर में पुरुष हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है जिसकी वजह से उनके चेहरे, छाती, पेट, हाथ और पैर की उंगलियों पर ज्यादा अनचाहे बाल निकल आते हैं।
- यही पीसीओडी का अहम लक्षण है इसमें कुछ महिलाओं का वजन कम होता है,जबकि अधिकतर महिलाओं का वजन इस बीमारी के चलते लगातार बढ़ता चला जाता है और आसानी से वजन घटता भी नहीं है ।
- इस बीमारी की वजह से महिलाओं के चेहरे पर अनगिनत मुहांसे आने लगते हैं, साथ ही उनके चेहरे और शरीर में कई तरह के बदलाव आते हैं।

इसके अलावा और भी लक्षण इनके है –
- आवाज भारी होना
- बाल झड़ना
- मूड स्विंग
- सिरदर्द
- नींद ना आना
- त्वचा संबंधी बीमारी
- इन्फर्टिलिटी या गर्भ न ठहरना
- पेल्विक में दर्द होना

कारण
पीसीओडी में आप किसी भी एक चीज़ को जिम्मेदार नही समझ सकते ये कई कारणों के कारण होता है –
- विशेषज्ञों की माने तो पीसीओडी की सबसे बड़ी वजह है गलत लाइफस्टाइल है
- अधूरी नींद ,नींद का पूरा ना होना
- आज कल लोगों के खानपान में शामिल फास्ट फ़ूड और जंक फूड जैसे पिज्जा, चाउमिन, बर्गर, मोमोज, चाट-पकौड़ी आदि का अधिक खाना
- अत्यधिक तनाव
- उचित समय पर खाना न खाना
- एक्सरसाइज ना करना

इलाज
वैसे तो पॉलीसिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर का कोई भी परमानेंट इलाज नहीं है। बस इसके लक्षणों को कम करके बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है। हर महिला के लिए एक इलाज संभव नहीं है, डॉक्टर किसी महिला का व्यक्तिगत परीक्षण करके इलाज का तरीका निर्धारित करता है। इसके अलावा अपनी कुछ आदतों और लाइफ स्टाइल में बदलाव करके भी आप इसके लक्षणों को कम कर सकती हैं जैसे-

- हर दिन यानि रोजाना एक्सरसाइज की आदत
- हेल्दी और बैलेंस डायट
- डायट, एक्सराइज से वजन कम करने का प्रयास। दरअसल, पीसीओडी से ग्रसित महिला यदि अपना वजन थोड़ा कम कर लेती हैं पीसीओडी के लक्षण कुछ हद तक कम हो जाते हैं।
- पीसीओडी से पीड़ित महिलाओं को डायबिटीज का भी खतरा हो सकता है, इसलिए मीठी चीजों का सीमित मात्रा में सेवन करें। प्रोटीन और फाइबर से भरपूर चीजें ज्यादा खाएं ये आपके अच्छे सेहत के लिए फायदेमंद होगा ।





