चीन दुनिया भर में सस्ते समानों के लिए मशहूर है. कम पैसे में कई बार ठीक-ठाक चीनी समान मिल जाते हैं. लेकिन ऐसी सस्ती चीजों के चक्कर में ग्राहक कई बार फंस भी जाते हैं. ऐसा ही हुआ है ब्रिटेन के साथ. कोरोना वायरस के फैलते ही दुनिया भर में कोहराम मच गया. ऐसे में ब्रिटेन ने ज्यादा से ज्यादा टेस्ट करने के चक्कर में चीन की दो कंपनियों से 20 लाख टेस्टिंग किट खरीद लिए, लेकिन अब ये सारे किट घटिया क्वालिटी की वजह से ब्रिटेन में धूल फांक रहे हैं.
न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इन टेस्टिंग किट्स का सौदा भी बड़े ही दिलचस्प तरीके से हुआ. चीन की इन दो कंपनियों ने 20 लाख किट्स के लिए 20 मिलियन डॉलर की मांग की. ब्रिटेन के सरकारी अधिकारियों को सौदा थोड़ा मंहगा लगा. उन्होंने कीमत कम करने को कहा, लेकिन इन कंपनियों ने साफ-साफ कह दिया कि इससे एक पैसा भी कम नहीं लगेगा. या तो वो किट्स खरीदें या फिर छोड़ दें. ब्रिटेन के लिए ये सौदा तोड़ना आसान नहीं था. दरअसल पिछले दिनों प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन इस किट के कायल हो गए थे. उन्होंने किट देखने के बाद कहा कि ये गेमचेंजर साबित हो सकता है क्योंकि ये किसी प्रेगनेंसी टेस्ट किट की तरह है. यानी कोई भी मिनटों में कोरोना के संक्रमण को इससे टेस्ट कर सकता है.
सौदा पक्का हुआ और दो हफ्ते के अंदर ब्रिटेन को 20 लाख किट्स मिल गए. लेकिन अब इसमें से आधे से ज्यादा किट ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में धूल फांक रहे हैं. कहा जा रहा है कि सारे बेकार किट्स हैं और इनसे जांच करने का कोई फायदा. इस मामले में सरकार की तरफ से फिलहाल कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस बात के जरूर संकेत मिल रहे हैं कि चीन से आए किट खराब हैं.
ब्रिटेन में फिलहाल हर दिन 20 हज़ार से कम टेस्ट हो रहे हैं, जबकि सरकार ने 25 हजार टेस्ट का लक्ष्य रखा था. सरकार की तरफ से कहा गया है कि इस महीने अंत तक हर रोज एक लाख टेस्ट किए जाएंगे. जबकि अगले महीने इसे बढ़ाकर ढाई लाख कर दिया जाएगा.






