क्या किसी वायरस या बैक्टेरिया को थाली बजाकर (ध्वनि उत्पन्न करके) मारा जा सकता है ?
Answer- वास्तव में नहीं (Exactly NO)
आइये देखते हैं क्यों ?
एक वायरस का Size Almost 5 to 300 नैनोमीटर और बैक्टीरिया का साइज ऑलमोस्ट 5 माइक्रोमीटर होता है। जितनी भी लिविंग थिंग्स होती हैं (Even Virus and Bacteria) उनमे ज्यादातर हिस्सा पानी का होता है और पानी में ध्वनि की मैक्सिमम स्पीड 1500m/s होती है।
इसलिये इन्हे खत्म करने के लिए Resonance उत्पन्न करने के लिए आवश्यक ध्वनि की आवृति….
For Bacteria
f ~ 1500/0.000005
~300,000,000 Hz
~ 300 MHz
For Virus
f ~ 1500/(300×10^-9)
~ 5GHz
अर्थात वायरस को खत्म करने के लिए हमें 5GHz अनुनादी आवृति की आवश्यकता होगी…. लेकिन बड़ी समस्या ये है कि मानव शरीर की कई कोशिकाओं की अनुनादी आवृत्ति भी 30MHz ही होती है.
इसलिये अगर इतनी आवृत्ति वाली ध्वनि उत्पन्न कर भी दी जाये तो मानव कोशिकाऐं नष्ट हो जायेंगी और मानव शरीर में बहुत से अंग डेमेज हो जायेंगे
ये 300 MHz and 5GHz आवृत्ति की ध्वनि की प्रबलता इतनी तीव्र होती है कि वातावरण में इतना शोर हो जायेगा कि मानव कर्ण के पर्दे ही फट जायेंगे और पक्षियों के मरने तक की नौबत होगी।
किसी भी थाली, लोटा, बेला, परात, शंख, घंटी आदि को बजाकर केवल 20 Hz से 20KHz (श्रृव्य आवृत्ति परास) तक की ही ध्वनि तरंग उत्पन्न की जा सकती हैं,
जो वायरस या बैक्टिरिया को मारने के लिये आवश्यक न्यूनतम अनुनादी आवृत्ति ~300 MHz से बहुत बहुत कम है ।
इसलिये ये दकियानूसी,अंधविश्वास से लवरेज और बे सिर पैर वाला विचार है कि थाली लोटा बजाकर कोरोना (वायरस) को मारा या भगाया जा सकता है ।
NOTE- Crystal Oscillator and Radio Frequency Oscillator जैसे दोलित्रों के द्वारा ही MHz कोटि की आवृति उत्पन्न की जा सकती है वो भी लेबोरेटरी में.
✍ लोकेंद्र सिंह
फ़िज़िक्स लेक्चरर
(इस लेख के लेखक लोकेंद्र सिंह है जो कि फ़िज़िक्स विषय के अध्यापक भी है, ये उनके फ़ेसबुक से सधन्यवाद लिया गया है)






