पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस नहीं रहे, लंबे समय से थे बीमार

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नई दिल्ली : पूर्व रक्षा मंत्री व प्रख्यात समाजवादी नेता जॉर्ज फर्नांडिस (88) का मंगलवार को निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थे। कई दिनों से वह स्वाइन फ्लू से भी पीड़ित थे। दिल्ली के पंचशील पार्क स्थित अपने आवास पर सुबह 6:42 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिह सहित कई केंद्रीय मंत्रियों, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक व्यक्त किया। जॉर्ज के परिवार में उनकी पत्नी लैला कबीर व पुत्र शांतनु हैं। उनके पुत्र अमेरिका में रहते हैं। बुधवार शाम तक उनके दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है।

उनका अंतिम संस्कार गुरुवार को दिल्ली में लोदी रोड स्थित श्मशान घाट पर किया जाएगा। उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार सहित कई नेताओं ने फर्नांडिस के घर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके निधन पर बिहार सरकार ने दो दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।

दूरदर्शी रेलमंत्री और महान रक्षा मंत्री : प्रधानमंत्री ने कहा कि जब हम उनके बारे में सोचते हैं तो हम सबसे खास और प्रखर मजदूर संगठन के नेता के रूप में उन्हें याद करते हैं, जिन्होंने न्याय के लिए लड़ाई लड़ी।वह एक दूरदर्शी रेल मंत्री और एक महान रक्षा मंत्री थे, जिन्होंने भारत को सुरक्षित और मजबूत बनाया। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में जॉर्ज साहब ने कभी राजनीतिक सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने इमरजेंसी का कड़ा विरोध किया। उनकी सादगी व विनम्रता स्मरणीय है।

फर्नांडिस लंबे समय से अल्जाइमर से पीड़ित थे। इस बीमारी में पीड़ित की याददाश्त चली जाती है। 18 जनवरी से उनकी तबीयत ज्यादा खराब थी। घर पर ही वह स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। मंगलवार सुबह उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई और वह अचेत हो गए।

इसके बाद मैक्स अस्पताल से डॉक्टरों की टीम बुलाई गई। अस्पताल के डॉक्टरों की टीम एंबुलेंस से उन्हें देखने उनके घर पहुंची। तब तक उनका निधन हो चुका था। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर एम्स ले जाया गया। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने एम्स पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद फर्नांडिस का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान पर रखा गया।

देश की सियासत में अलग पहचान रखने वाले फर्नांडिस का जन्म तीन जून, 1930 को कर्नाटक के मंगलौर में एक ईसाई परिवार में हुआ था। फर्नांडिस की मां किग जॉर्ज पंचम की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं, इसलिए उन्होंने अपने छह बच्चों में से सबसे बड़े बेटे का नाम जॉर्ज फर्नांडिस रखा। वह 1967 से 2004 तक नौ लोकसभा चुनाव जीते।

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